लखनऊ : रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने गोरखपुर जेल में सामाजिक कार्यकर्ता परवेज परवाज की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जेल के अंदर हुई मृत्य संदेहप्रद है।
मुहम्मद शुऐब ने कहा कि परवेज परवाज 2007 से लगातार योगी आदित्यनाथ के सांप्रदायिक कृत्यों का विरोध करते रहे हैं। उनके प्रयासों से ही योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद से ही परवेज परवाज योगी और भाजपा के निशाने पर आ गए। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ द्वारा परवेज़ परवाज़ खिलाफ साजिशन अपने लोगों को खड़ा करके झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए।
मुहम्मद शुऐब का कहना है कि इन मुकदमों को आधार बना कर 2018 में उनको जेल भेज दिया गया तभी से वे जेल में थे। जेल में रहते हुए परवेज परवाज की मृत्यु स्वाभाविक नहीं लगती। अधिवक्ता शोएब का कहना है कि परवेज परवाज की मृत्यु की निष्पक्ष जांच स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराया कराइ जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।