लखनऊ: राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाके से एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने डाक विभाग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर रहीमाबाद थाना क्षेत्र के उमरावल गांव स्थित इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (डाकघर) में खाताधारकों की जमा राशि में लाखों रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है। इस उप-डाकघर में क्षेत्र के करीब 36 गांवों के लोगों के बचत, सुकन्या समृद्धि योजना, आरडी और एफडी खाते संचालित हैं।
घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण अपने खातों से पैसे निकालने पहुंचे और उन्हें पता चला कि उनके खातों से या तो पैसे पहले ही गायब हो चुके हैं या फिर उनकी जमा की गई किस्तें सिस्टम में दर्ज ही नहीं हैं। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत करने पर वहां तैनात कर्मचारियों ने उनके पासबुक की कॉपियां जमा करा लीं और दो-तीन दिनों में खाते में पैसे वापस आने का झूठा आश्वासन दिया। कई दिन बीतने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
परेशान और आक्रोशित खाताधारकों ने डाकघर के सामने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि घोटाले की भनक लगते ही डाकघर के कर्मचारी कामकाज बंद कर वहां से फरार हो गए। इसके अलावा, डाकघर के समय पर न खुलने और समय से पहले बंद हो जाने की शिकायतें भी लंबे समय से मिल रही थीं।
इस मामले में ग्रामीणों ने जब उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। ग्रामीण इलाकों में लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई और बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या जैसी योजनाओं में पैसे जमा करते हैं, लेकिन इस धोखाधड़ी के बाद सैकड़ों परिवार अब अपने ही पैसों के लिए भटकने को मजबूर हैं।